

मध्यप्रदेश शहडोल जिला इन दिनों सुर्खियों में है ऐसी सुर्खियों में जहां आबकारी विभाग एवं जिला प्रशासन की कुंभकर्णी निद्रा को किसी भी तरह से कोई भी फ़र्क़ नहीं पड़ता दिखाई दे रहा है।
भिन्न भिन्न शराब दुकानों में भिन्न भिन्न तरीकों से आम जनता का शोषण आये दिन हो रहा है। वहीं शहडोल संभाग मुख्यालय में स्थित आबकारी विभाग अपनी नाक के नीचे खुलेआम नियमों का उल्लंघन देखते हुए उबासियां ले रहा है।
क्या है मामला?
शहडोल जिले में गत वर्ष शराब दुकानों का संचालन लक्ष्मी एग्रो स्टेट अंबिकापुर एवं पेंगुइन ट्रेडकॉम के जिम्मे आया। दुकानों के संचालन के साथ ही शुरू हुआ अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP)
से ऊपर शराब बिक्री का खेल और यह खेल आज भी अनवरत रूप से जारी है।
न बिल ना ही QR कोड…!
अगर आबकारी नियमों की मानें तो हर शराब दुकान पर पक्का बिल एवं शराब के विक्रय मूल्य का QR कोड चस्पा होना आवश्यक है मगर अंधेर नगरी चौपट राजा की तर्ज पर यहां सब नदारद है।
कहां हैं जिम्मेदार?
इस संदर्भ में निर्देशन व कार्यवाही हेतु जिला अधिकारी शहडोल केदार सिंह से दूरभाष क्रमांक 094251 02510 पर संपर्क करने का प्रयास किया गया। जिस पर कोई भी जवाब प्राप्त नहीं हुआ।
साथ ही इस मामले में जिला आबकारी अधिकारी से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया जिस पर उनकी कुंभकर्णी निद्रा भंग नहीं हुई।







